1. टाइरेनोसोरस रेक्स :
संक्षेप में इसे टी-रेक्स के नाम से जाना जाता है। डायनासौर की यह प्रजाति इतनी खूंखार और खतरनाक थी कि इसे छिपकलियों का उपद्रवी शासक भी कहा जाता है। इसकी ऊंचाई 5 मीटर, लंबाई 12 मीटर और वजन लगभग 7 टन तक होता था। इसकी सूंघने की शक्ति काफी तेज थी और यह दूर से ही अपने शिकार का पता लगा लेता था। इसके मुंह में 60 से भी ज्यादा दांत थे और इसकी एक बाइट में इसके वजन से भी ज्यादा ताकत होती थी। यही नहीं यह दो पैरों पर उसी तेजी से दौड़ सकता था, जैसे-फुटबॉल का खिलाड़ी मैदान में दौड़ता है। इसलिए इस डायनासौर को ऑलराउंडर भी कहा जाता है।
2. स्पाइनोसोरस :
ऐसा माना जाता है कि इस डायनासौर की लंबाई लंदन में चलनेवाली डबल डेकर बस की भी डेढ़ गुनी यानी लगभग 16 मीटर थी। इसका वजन एशियन हाथी के बराबर था। इसके शरीर के ऊपरी हिस्से में इसकी स्किन से निर्मित जहाज के पाल जैसी आकृति पायी जाती थी, जो दो मीटर लंबी स्पाइन के सहारे इसकी पीठ पर मौजूद थी। जमीन के बजाय यह अपना ज्यादा समय पानी में ही गुजारता था। खाने में इसे मछलियों के साथ सड़ा हुआ मांस पसंद था। इसके जबड़े मगरमच्छ के जैसे सॉफ्ट और दांत नुकीले थे। इसकी नाक के आगे एक विशेष संरचना थी, जिससे इसे पानी में होनेवाली हर हलचल का पता लग जाता था और यह अपने शिकार तक आसानी से पहुंच जाता था। यह सबसे ज्यादा शिकार उस समय की सबसे विशालकाय ओचोप्रिस्टिस मछली का करता था, जो आठ मीटर लंबी होती थी।
3. वेलोसिरेप्टर :
4. मापुसौरस :
यह डायनासौर गिगांटोसौरस से काफी मिलता-जुलता था। इसने पृथ्वी पर पाये जानेवाले सबसे विशालकाय डायनासौर अरजेंटीसौरस का खूब शिकार किया है, जो लगभग 35 मीटर लंबा हुआ करता था। इसके दांत बिल्कुल किसी धारदार ब्लेड के जैसे थे। ये समूह में रहना पसंद करते थे और मिल कर शिकार किया करते थे।

